माओवादी संगठन को बड़ा झटका : गडचिरोली मुठभेड़ में प्रभाकर समेत 7 नक्सली ढेर
The गडविश्व
गडचिरोली, ता. ०७ : जिले के अबूझमाड़ जंगल परिसर में माओवादियों के खिलाफ चलाए गए एक अत्यंत कठीण और निर्णायक अभियान में गडचिरोली पुलिस तथा सीआरपीएफ को बड़ी सफलता मिली है। तीन दिन और तीन रात तक चले इस संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों ने माओवादी संगठन को करारा झटका देते हुए टॉप नक्सली लीडर प्रभाकर सहित कुल सात खूंखार नक्सलियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इन सभी नक्सलियों पर महाराष्ट्र शासन द्वारा कुल 71 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
यह अभियान 3 फरवरी 2026 को गडचिरोली–नारायणपुर जिले की सीमा से सटे घने और दुर्गम जंगल क्षेत्र में शुरू किया गया। खुफिया सूत्रों से प्राप्त विश्वसनीय जानकारी के अनुसार माओवादी संगठन की कंपनी नंबर-10 के शेष सदस्य और छत्तीसगढ़ के अन्य दलम के नक्सली इस इलाके में एकत्र होकर विध्वंसक गतिविधियों और घातपात की योजना बना रहे थे। इसी सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में भामरागढ़ के उपविभागीय पुलिस अधिकारी अमर मोहिते के नेतृत्व में गडचिरोली पुलिस के सी-60 जवानों की 14 टीमें जंगल क्षेत्र में रवाना की गईं।
4 फरवरी 2026 को तलाशी अभियान के दौरान जंगल में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने पूरी सतर्कता और साहस के साथ जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान दो नक्सली ठिकानों को ध्वस्त किया गया और बड़ी मात्रा में नक्सली साहित्य बरामद किया गया। हालांकि घना जंगल और दुर्गम भूभाग होने के कारण उस समय नक्सलियों का पीछा करना संभव नहीं हो सका।
अभियान को आगे बढ़ाते हुए 5 फरवरी 2026 को अतिरिक्त चार विशेष अभियान पथक तथा सीआरपीएफ की क्यूएटी टीम को भी अभियान में शामिल किया गया। इसी दिन हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने तीन नक्सलियों को ढेर कर दिया और घटनास्थल से एक एके-47 रायफल और एक एसएलआर रायफल बरामद की। अभियान के अंतिम चरण में 6 फरवरी 2026 को पुनः हुई मुठभेड़ में चार अन्य खूंखार नक्सली मारे गए, जिससे कुल मृत नक्सलियों की संख्या सात हो गई।
मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान हो चुकी है। इनमें प्रभाकर उर्फ रवि उर्फ प्रकालवीर उर्फ स्वामी, पश्चिम सब-जोनल ब्यूरो का प्रभारी और कंपनी नंबर-10 का प्रमुख शामिल है, जिस पर अकेले 25 लाख रुपये का इनाम था। अन्य मारे गए नक्सलियों में पागु मोडाम (कंपनी नंबर-5 कमांडर), अनिला उर्फ बुदरी कोवाची (पीपीसीएम), कामेश पदा (स्पेशल प्लाटून कमांडर), भजनाथ उर्फ भिमा होळी (एसीएम), मंगली कुरसाम तथा जोगी सोढ़ी-मडावी शामिल हैं। ये सभी नक्सली हत्या, आगजनी, मुठभेड़ और अन्य हिंसक घटनाओं में संलिप्त रहे हैं।
अभियान स्थल से सुरक्षा बलों ने तीन एके-47, एक एसएलआर, एक .303 रायफल, 173 जिंदा कारतूस, बीजीएल, मैगजीन, कॉर्टेक्स वायर, जिलेटिन स्टिक तथा अन्य नक्सली साहित्य बरामद किया है। यह बरामदगी माओवादी संगठन की सैन्य क्षमता को बड़ा झटका मानी जा रही है।
हालांकि इस सफल अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को एक बड़ा नुकसान भी उठाना पड़ा। विशेष अभियान पथक के जवान पोशि दीपक चिन्ना मडावी माओवादी गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें हेलीकॉप्टर की सहायता से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। एक अन्य जवान भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। शहीद जवान दीपक मडावी को गडचिरोली पुलिस मुख्यालय में पूरे राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2021 से अब तक गडचिरोली पुलिस के लगातार अभियानों के चलते 99 कट्टर नक्सली मारे गए, 140 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया और 153 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने कहा कि माओवाद के खिलाफ अभियान आगे भी और अधिक तीव्र किया जाएगा तथा शेष नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की गई है।
#thegdv #thegadvishva #gadchirolinews #gadchirolipolice

