गड़चिरोली में 11 वरिष्ठ माओवादियों का आत्मसमर्पण


गड़चिरोली में 11 वरिष्ठ माओवादियों का आत्मसमर्पण
– माओवादी आंदोलन को बड़ा झटका
The गड़विश्व
गड़चिरोली, 19 : जिले में सक्रिय माओवादी आंदोलन को बड़ा झटका लगा है। डीवीसीएम, एरिया कमेटी सचिव, पीपीसीएम, कमांडर और एसीएम जैसे वरिष्ठ पदों पर कार्यरत कुल 11 कुख्यात माओवादियों ने आज गड़चिरोली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इन सभी पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
गड़चिरोली जिले में एक समय 10 उपविभागों में सक्रिय रहा माओवादी नेटवर्क अब लगभग समाप्ति की ओर है और फिलहाल भामरागढ़ उपविभाग के सीमावर्ती क्षेत्रों तक सिमट गया है। राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति को मिल रहे सकारात्मक प्रतिसाद और पुलिस व CRPF की संयुक्त कार्रवाई के कारण माओवादी संगठन लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है।
आत्मसमर्पण करने वालों में सोनी उर्फ बाली वत्ते मट्टामी (डीवीसीएम), बुदरी उर्फ रामबत्ती आयतु मट्टामी (एरिया कमेटी सचिव), सुखलाल बोळगा कोक्सा (कमांडर), शांति उर्फ सोमरी गंगा तेलामी (पीपीसीएम), यमुनक्का उर्फ रुखमाक्का पोट्टी पेंदाम (एसीएम), गणेश उलगे कोवासी, मिनको उर्फ जमनी काया मट्टामी, धनु दसरु वेळंजे, सुनीता उर्फ वंगे वत्ते होयाम, रमेश पांडू मडावी और किशोर सुक्रैय्या वासम (मिलिशिया कमांडर) शामिल हैं।
इनमें से कुछ माओवादी पिछले दो से चार दशकों से संगठन में सक्रिय थे और कई पर गड़चिरोली जिले में मुठभेड़ों सहित गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की जांच जारी है, ऐसी जानकारी पुलिस ने दी।
विशेष रूप से, 15 अक्टूबर 2025 को पोलिट ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेनुगोपाल राव उर्फ भूपति (सोनू) समेत 61 माओवादियों द्वारा 54 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किए जाने के बाद माओवादी आंदोलन को बड़ा झटका लगा था। इसके बाद देशभर में 897 माओवादियों ने 545 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है।
गड़चिरोली जिले में वर्ष 2005 से अब तक कुल 794 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और उनका पुनर्वास किया गया है। वर्ष 2022 से अब तक 157 कुख्यात माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिनमें से 2025 से अब तक 123 माओवादी शामिल हैं।
आत्मसमर्पण के बाद केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पुनर्वास हेतु आर्थिक सहायता घोषित की गई है। पति-पत्नी के रूप में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी जोड़ों को अतिरिक्त 1.5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, जबकि समूह में आत्मसमर्पण करने पर 10 लाख रुपये का विशेष इनाम घोषित किया गया है।
इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिरीक्षक (नक्सल विरोधी अभियान) संदीप पाटिल ने शेष माओवादियों से हिंसा का मार्ग छोड़कर लोकतांत्रिक मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार सम्मानजनक जीवन के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में पुलिस और CRPF के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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