स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड की बिक्री पर रोक; एफडीए के सख्त निर्देश लागू
The गढ़विश्व
मुंबई, ता. ३० : राज्य के स्कूली विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और उन्हें पौष्टिक, सुरक्षित एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, राज्य के सभी स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों और जंक फूड की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही, स्कूल परिसर और उसके आसपास प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की आधिकारिक सूची भी जारी की गई है।
नई नियमावली के अनुसार, स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में स्थित सभी दुकानें, खाद्य स्टॉल और आपूर्तिकर्ताओं को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के सभी मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। यह नियम राज्य में 22 माह के बच्चों से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों तथा सरकारी, अर्धसरकारी, अनुदानित, गैर-अनुदानित स्कूलों, छात्रावासों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर लागू होंगे।
एफडीए द्वारा जारी सूची के अनुसार समोसा, कचौरी, भजिया, फ्रेंच फ्राइज और फ्राइड चिकन जैसे तले हुए एवं फास्ट फूड; केक, पेस्ट्री, कुकीज़, बिस्किट और डोनट जैसे बेकरी उत्पाद; माइक्रोवेव पॉपकॉर्न और फ्रोजन पिज्जा जैसे पैकेज्ड स्नैक्स; इसके अलावा वनस्पति घी (डालडा), स्टिक मार्जरीन, नॉन-डेयरी कॉफी क्रीमर तथा केक में इस्तेमाल होने वाली रेडीमेड फ्रॉस्टिंग और आइसिंग की बिक्री एवं आपूर्ति पर प्रतिबंध रहेगा।
इसके अलावा, स्कूलों की कैंटीन, छात्रावासों और आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए खाद्य लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना लाइसेंस किसी भी स्कूल या उसके परिसर में खाद्य सामग्री की आपूर्ति नहीं की जा सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों, स्टॉल संचालकों और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, ऐसा स्पष्ट निर्देश आयुक्त तुकाराम मुंढे ने दिया है।
प्रशासन का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, पौष्टिक और संतुलित भोजन उपलब्ध कराना तथा स्कूल परिसर में अस्वास्थ्यकर खानपान की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाना है।

