गढ़चिरौली में शांति के बाद विकास की नई राह; 100 पुनर्वासित नागरिक बेंगलुरु रवाना
– ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आश्रम में सीखेंगे आधुनिक कृषि, सिंचाई और सतत विकास के गुर
The गढ़विश्व
गढ़चिरौली, ता.03 : हिंसा के लंबे दौर से बाहर निकलकर मुख्यधारा में लौट रहे गढ़चिरौली के पुनर्वासित नागरिक अब क्षेत्र के विकास में भागीदार बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी पहल के तहत मुख्यधारा में लौटे करीब 100 पुनर्वासित नागरिकों का दल गुरुवार को गढ़चिरौली पुलिस परिसर से बेंगलुरु स्थित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आश्रम के लिए रवाना हुआ। इस पहल का उद्देश्य पुनर्वासित नागरिकों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि, सिंचाई तथा सामाजिक विकास से जोड़ना है।
यह पहल लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड, लॉयड्स इनफिनिट फाउंडेशन और गढ़चिरौली पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से साकार हुई है।
दल को रवाना करने के लिए पुलिस परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड तथा लॉयड्स मिशन फॉर ग्लोबल स्किल्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए इस पहल को गढ़चिरौली के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में पूर्व नक्सली नेता सोनू उर्फ मल्लोजुला वेणुगोपाल, जिन्हें भूपति के नाम से भी जाना जाता है, की उपस्थिति विशेष आकर्षण रही। हाल ही में उन्हें गोंडवाना विश्वविद्यालय में ‘ग्राम सभा समन्वयक’ नियुक्त किया गया है।
मुख्यधारा में लौटकर विकास में योगदान का संकल्प
दल का नेतृत्व असीन राजाराम उर्फ अनिल कर रहे हैं। उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की और पिछले करीब दो वर्षों से लॉयड्स के साथ कार्यरत हैं।
इस अवसर पर सोनू ने कहा कि विभिन्न संगठन मुख्यधारा में लौटे लोगों के सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुनर्वासित नागरिक भी समाज के बीच रहकर लोगों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में योगदान देना चाहते हैं और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों का स्वागत करते हैं।
800 से अधिक लोगों की मुख्यधारा में वापसी
गढ़चिरौली में वर्ष 2005 से 2026 के बीच 800 से अधिक लोगों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। पुनर्वास के बाद इन नागरिकों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना बड़ी चुनौती रही है।
इस दिशा में गढ़चिरौली पुलिस प्रशासन और लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बी. प्रभाकरन की पहल से सैकड़ों पुनर्वासित नागरिकों को लॉयड्स मेटल्स में रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
जैविक खेती से सौर सिंचाई तक पर होगा काम
अब पुनर्वास की इस प्रक्रिया को आर्थिक एवं सामाजिक विकास से जोड़ने की दिशा में नया कदम उठाया गया है। ‘आर्ट ऑफ लिविंग’, लॉयड्स मेटल्स और गढ़चिरौली पुलिस प्रशासन के सहयोग से जिले के विभिन्न गांवों में कृषि एवं सिंचाई से जुड़ी परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
इन परियोजनाओं में जैविक खेती, बहुफसली खेती और सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई जैसी आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
‘गढ़चिरौली फर्स्ट’ की सोच को बढ़ावा
लॉयड्स मेटल्स की पहल को केवल औद्योगिक गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए स्थानीय विकास से जोड़ा जा रहा है। ‘गढ़चिरौली फर्स्ट’ की सोच के तहत स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
इसी उद्देश्य से स्किल अकादमी स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिसके माध्यम से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की योजना है।
प्रशासन, उद्योग और पुनर्वासित नागरिक एक मंच पर
यह पूरी पहल गढ़चिरौली पुलिस प्रशासन, आईजी संदीप पाटील, एसपी एम. रमेश और लॉयड्स मेटल्स के प्रबंध निदेशक बी. प्रभाकरन के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाई जा रही है। ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के सहयोग से जिले के सामाजिक, आर्थिक और आध्यात्मिक विकास के लिए दीर्घकालीन रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
पुनर्वासित नागरिकों की बेंगलुरु यात्रा महज एक शैक्षणिक दौरा नहीं, बल्कि हिंसा से विकास की ओर बढ़ रहे गढ़चिरौली की नई तस्वीर का प्रतीक मानी जा रही है। प्रशासन, कॉर्पोरेट क्षेत्र, पुनर्वासित नागरिक और सामाजिक-आध्यात्मिक संस्थाएं एक साथ आकर जिले के विकास में भागीदारी निभा रही हैं।

