गड़चिरोली : सोनसरी के आश्रमशाला में छात्रा की आत्महत्या से हड़कंप, अधीक्षिका पर कार्रवाई के आदेश
– आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके ने दिए निलंबन और FIR दर्ज करने के निर्देश ; पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये की सहायता
The गढ़विश्व
त.प्र / कुरखेड़ा, 13 : महाराष्ट्र के गड़चिरोली जिले के कुरखेड़ा तहसील अंतर्गत सोनसरी स्थित सरकारी आश्रमशाला के छात्रावास में 14 वर्षीय छात्रा राणू कृष्णा हलामी की आत्महत्या के मामले में आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार, 12 अक्टूबर को हुई इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने संबंधित अधीक्षिका को तत्काल निलंबित करने और उसके खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
घटना के बाद मंगलवार, 13 अक्टूबर को मंत्री डॉ. उईके ने कुरखेड़ा उपजिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और घटना के संबंध में जानकारी ली। साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच कर परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
छात्रा की मौत के बाद उसके परिजनों ने आश्रमशाला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। परिजनों का आरोप है कि छात्रा की तबीयत ठीक नहीं थी और वह घर जाने की जिद कर रही थी। इसी दौरान संबंधित अधीक्षिका ने उसे कमरे में बंद कर दिया था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मंत्री ने मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और संबंधितों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्रमशाला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी भी जताई।
परिवार को 2 लाख रुपये की सहायता, मां को नौकरी देने के निर्देश
पीड़ित परिवार को राहत देते हुए एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना कार्यालय की ओर से दो लाख रुपये का चेक अनुग्रह सहायता के रूप में प्रदान किया गया। इसके अलावा, मृत छात्रा की मां को उसी आश्रमशाला में काम देने और परिसर में ही आवास की व्यवस्था करने के निर्देश भी मंत्री ने दिए।
हालांकि, परिजनों द्वारा मांगे गए 50 लाख रुपये के मुआवजे को लेकर शासन का निर्णय अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
मंत्री डॉ. उईके ने गड़चिरोली परियोजना के अंतर्गत आने वाली सभी सरकारी आश्रमशालाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्याध्यापकों, अधीक्षकों और अधीक्षिकाओं के साथ नियमित संपर्क रखकर छात्रावासों की स्थिति की जानकारी ली जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी आश्रमशाला में इस तरह की घटना होने पर संबंधित परियोजना अधिकारी की भूमिका की भी जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के परियोजना अधिकारी अरुण एम., पूर्व विधायक कृष्णाजी गजबे, पूर्व विधायक नामदेवराव उसेंडी, चांगदेव फाये तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

