गड़चिरोली : कुमनार के जंगल में दबा था माओवादियों का जखीरा ; 14 हथियार, आईईडी और विस्फोटक सामग्री बरामद
– नक्सल सप्ताह के दौरान बड़ी साजिश नाकाम; गड़चिरोली पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई
The गडविश्व
गड़चिरोली, ता. 4 : नक्सल सप्ताह की पृष्ठभूमि में माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों पर हमले और घातक वारदातों को अंजाम देने के उद्देश्य से कुमनार के जंगल में जमीन के नीचे दबाकर रखा गया हथियारों का बड़ा जखीरा गड़चिरोली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने संयुक्त कार्रवाई में बरामद किया है। महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ सीमा से सटे जंगल क्षेत्र में चलाए गए सघन तलाशी अभियान के दौरान 14 आग्नेयास्त्र, एक आईईडी, बैटरियां तथा अन्य माओवादी सामग्री जब्त की गई। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई नवस्थापित बंगाड़ी पुलिस सहायता केंद्र की सीमा में की गई।
गड़चिरोली जिले में माओवादी गतिविधियां काफी हद तक कमजोर हो चुकी हैं। इसके बावजूद शेष माओवादी सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और घातक घटनाओं को अंजाम देने के लिए दुर्गम तथा अंतरराज्यीय सीमावर्ती वन क्षेत्रों का उपयोग कर रहे हैं। माओवादी विभिन्न प्रकार के हथियार और विस्फोटक सामग्री तैयार कर उन्हें गुप्त रूप से जंगल की जमीन में दबाकर रखते थे। नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर इन हथियारों का इस्तेमाल कर सुरक्षा बलों पर हमले की योजना बनाई जाती थी।
पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ सीमा से सटे कुमनार के जंगल में माओवादियों ने बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है। इसके बाद 31 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में विशेष अभियान दल की प्राणहिता स्थित चार टुकड़ियों, बम खोज एवं नाशक दस्ते (बीडीडीएस) तथा सीआरपीएफ के जवानों को तलाशी अभियान के लिए रवाना किया गया।
1 अगस्त को विशेष अभियान दलों ने कुमनार के जंगल क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। बीडीडीएस के जवानों ने इलाके की बारीकी से जांच की। इस दौरान जमीन के नीचे दबाकर रखा गया हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
कार्रवाई में एक एसएलआर राइफल, एक .303 राइफल, सात 12 बोर राइफल, तीन सिंगल शॉट राइफल और दो बीजीएल लॉन्चर सहित कुल 14 आग्नेयास्त्र जब्त किए गए। इसके अलावा तीन एसएलआर मैगजीन, एक आईईडी, दो बैटरियां तथा अन्य माओवादी सामग्री भी बरामद की गई। बरामद सभी सामग्री को सुरक्षित रूप से जब्त कर लिया गया है।
इससे पहले 23 मई, 27 मई और 27 जून 2026 को भी माओवादियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई थी। 1 अगस्त को हुई इस कार्रवाई से माओवादियों की घातक गतिविधियों की तैयारियों को बड़ा झटका लगा है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के आदेश और मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधिरा, अपर पुलिस अधीक्षक (प्रशासन) गोकुल राज जी., अपर पुलिस अधीक्षक, अहेरी (प्राणहिता) हर्षवर्धन बी. जे. तथा पुलिस उपाधीक्षक (अभियान) सुनील उईके की निगरानी में संपन्न हुई।
विशेष अभियान दल, इंटेलिजेंस सेल, बीडीडीएस टीम और सीआरपीएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से इस अभियान को सफल बनाया। पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने अभियान में शामिल सभी जवानों के कार्य की सराहना की है।
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