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माओवाद मुक्त गढ़चिरौली की नई तस्वीर पर मंथन, 214 शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि


माओवाद मुक्त गढ़चिरौली की नई तस्वीर पर मंथन, 214 शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि
– वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और विशेषज्ञों ने माओवाद के बाद की चुनौतियों, सुरक्षा व्यवस्था और विकास की भावी दिशा पर रखे विचार
The गड़विश्व
गढ़चिरौली, 5 : गढ़चिरौली जिले में माओवादी गतिविधियों का प्रभाव समाप्त होने की पृष्ठभूमि में माओवाद विरोधी संघर्ष के सफर और भविष्य की चुनौतियों को लेकर विशेष मीडिया संवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने माओवाद मुक्त गढ़चिरौली के आगामी विकास, सुरक्षा व्यवस्था तथा सामाजिक बदलावों पर अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में माओवाद विरोधी अभियान में शहीद हुए 214 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया गया।

गढ़चिरौली पुलिस दल और भारत सरकार के पत्र एवं सूचना कार्यालय, नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में 4 नवंबर को पुलिस मुख्यालय स्थित एकलव्य हॉल में ‘माओवाद मुक्त भारत’ विषय पर यह सम्मेलन आयोजित किया गया। विशेष पुलिस महानिरीक्षक (नक्सल विरोधी अभियान) संदीप पाटील ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता की। वहीं पुलिस उपमहानिरीक्षक योगेश कुमार और पुलिस अधीक्षक एम. रमेश सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्मेलन में माओवाद की उत्पत्ति, विस्तार, विचारधारा, कार्यप्रणाली और माओवाद विरोधी अभियानों के दौरान सामने आई चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटील ने सशस्त्र माओवाद का प्रभाव समाप्त होने के बाद पुलिस विभाग के सामने आने वाली संभावित चुनौतियों तथा उनसे निपटने के लिए आवश्यक उपायों पर मार्गदर्शन किया।

वरिष्ठ लेखक एवं नीति विश्लेषक पी. वी. रमना और वरिष्ठ पत्रकार कार्तिक लोखंडे ने भी अपने अनुभवों और अध्ययन के आधार पर माओवाद विरोधी संघर्ष के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। उन्होंने पुलिस विभाग की रणनीति, सुरक्षा एजेंसियों के योगदान, स्थानीय नागरिकों की भूमिका और विकासात्मक योजनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला।

सामाजिक और आर्थिक विकास पर जोर

सम्मेलन में यह विचार सामने आया कि माओवाद की समस्या केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके समाधान के लिए सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और विकासात्मक दृष्टिकोण अपनाना भी आवश्यक है। माओवाद के प्रभाव से बाहर निकल रहे क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और विकास के अवसर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा।

वक्ताओं ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस विभाग, शासन, मीडिया और समाज के विभिन्न घटकों के बीच बेहतर समन्वय तथा सकारात्मक संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान पत्रकारों ने विभिन्न सवाल उठाकर चर्चा में सक्रिय भागीदारी की।

214 शहीद जवानों के बलिदान को किया नमन

कार्यक्रम के दौरान माओवाद विरोधी अभियान में देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले 214 शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण किया गया।

इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधीरा, अपर पुलिस अधीक्षक (प्रशासन) गोकुल राज जी., भारत सरकार के पत्र एवं सूचना कार्यालय के सौरभ खेकड़े और देवप्रकाश दुबे सहित जिले के अनेक पत्रकार उपस्थित थे।


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