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1 सितंबर से ‘महात्मा ज्योतिराव फुले राजस्व लोक अदालत’ अभियान; लंबित राजस्व प्रकरण समझौते से होंगे निपटारे


1 सितंबर से ‘महात्मा ज्योतिराव फुले राजस्व लोक अदालत’ अभियान; लंबित राजस्व प्रकरण समझौते से होंगे निपटारे
The गडविश्व
मुंबई, ता. 16 : राजस्व विभाग के अंतर्गत लंबित अर्ध-न्यायिक प्रकरणों को आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से निपटाने के लिए राज्यभर में 1 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक ‘महात्मा ज्योतिराव फुले राजस्व लोक अदालत अभियान’ चलाया जाएगा। इस संबंध में राजस्व विभाग की ओर से शासन निर्णय जारी किया गया है।
इस अभियान में मंडल अधिकारी, नायब तहसीलदार, तहसीलदार, उपविभागीय अधिकारी, उपजिलाधिकारी (भूसंपादन) तथा अपर जिलाधिकारी अथवा जिलाधिकारी के अर्ध-न्यायिक न्यायालयों में लंबित सभी प्रकार के राजस्व दावों और अपीलों को शामिल किया जाएगा। सभी स्तरों पर प्रत्येक तीन महीने में एक बार राजस्व लोक अदालत आयोजित करने की जिम्मेदारी संबंधित जिलाधिकारियों को सौंपी गई है।
जिस अर्ध-न्यायिक न्यायालय अथवा कार्यालय में राजस्व प्रकरण लंबित है, वहां दोनों पक्षकार स्वयं या अपने वकील के माध्यम से समझौते के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद दोनों पक्षों की सहमति सुनिश्चित की जाएगी और उनसे कानूनी समझौतानामा लिया जाएगा। निर्धारित लोक अदालत के दिन दोनों पक्षों की सहमति से अंतिम आदेश पारित कर प्रकरण का स्थायी रूप से निपटारा किया जाएगा।
पक्षकारों को नोटिस जारी करने, आवेदन स्वीकार करने, आवेदनों की जांच, समझौतानामा तैयार करने, पूर्व तैयारी बैठक आयोजित करने तथा प्रत्यक्ष राजस्व लोक अदालत के आयोजन के लिए जिलाधिकारी स्तर से समय-सारिणी निर्धारित की जाएगी।
जमीन से संबंधित राजस्व दावे लंबे समय तक लंबित रहने के कारण पक्षकारों का समय और धन खर्च होता है। एक स्तर पर फैसला होने के बाद अपील या पुनरीक्षण आवेदन दायर होने से प्रकरण वर्षों तक लंबित रहते हैं। विधिक सेवा प्राधिकरण की लोक अदालत की तर्ज पर आपसी समझौते के माध्यम से इन मामलों का निपटारा करने से पक्षकारों का समय और पैसा बचने के साथ ही अर्ध-न्यायिक व्यवस्था पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा।
पुणे जिले में चलाए गए ‘राजस्व लोक अदालत’ अभियान को मिले सकारात्मक और सफल प्रतिसाद को देखते हुए अब इसे राज्य स्तर पर लागू किया जा रहा है।
क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिराव फुले की द्विशताब्दी जयंती वर्ष के अवसर पर तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अधिकार पहुंचाने की उनकी विचारधारा के अनुरूप इस अभियान को उनका नाम दिया गया है।
राजस्व विभाग के अंतर्गत अर्ध-न्यायिक प्रकरण लंबित रखने वाले पक्षकारों से अपील की गई है कि वे इस लोक अदालत का लाभ उठाते हुए आपसी समझौते के माध्यम से अपने प्रकरण का निपटारा कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करें।


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