सर्पमित्र अजय कुकडकर बने गडचिरोली के मानद वन्यजीव रक्षक
– जंगल संरक्षण को नई दिशा
The गडविश्व
गडचिरोली, ता. 04 : वन्यजीव संरक्षण, सर्प बचाव कार्य और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले गडचिरोली के सर्पमित्र अजय कुकडकर को मानद वन्यजीव रक्षक (Honorary Wildlife Warden), गडचिरोली के पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से जिले में जंगल और वन्यजीव संरक्षण कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अजय कुकडकर पिछले कई वर्षों से सर्पमित्र और प्राणीमित्र के रूप में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अब तक अनेक विषैले और गैर-विषैले सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में सांप निकलने की घटनाओं के दौरान वे तत्काल पहुंचकर नागरिकों की सहायता करते रहे हैं। साथ ही, उन्होंने सर्पों और वन्यजीवों के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाए हैं।
मानद वन्यजीव रक्षक (Honorary Wildlife Warden) ऐसे स्वयंसेवक होते हैं, जिन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 4 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है। यह एक सम्मानजनक पद है, जिसके अंतर्गत नियुक्त व्यक्ति स्थानीय स्तर पर वन विभाग की सहायता करता है। वन्यजीव संरक्षण, अवैध शिकार पर रोक, जनजागरूकता, नागरिकों के साथ समन्वय, बचाव कार्यों में सहयोग तथा महत्वपूर्ण सूचनाओं के संकलन में इनकी अहम भूमिका होती है।
गडचिरोली जिला अपने घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। ऐसे क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर अनुभवी और समर्पित व्यक्तियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने में मानद वन्यजीव रक्षकों का योगदान निर्णायक माना जाता है।
अजय कुकडकर की इस नियुक्ति पर सामाजिक संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने खुशी व्यक्त करते हुए उनका अभिनंदन किया है। उनके कार्य को मिली यह मान्यता अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।
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